बदलाव की कहानी… 4 दशकों से आदर्श नवयुवक मंडल ने समाज कल्याण के क्षेत्र में कई काम किए हैं…वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छता अभियान के अलावा हजारों महिलाओं को रोजगार प्रशिक्षण दिया गया

179

कमलेश यादव : गांव में पेड़ लगाना,तालाब निर्माण और स्वच्छता जैसे सकारात्मक बदलाव के लिए आदर्श नव युवक मंडल का गठन किया गया था।आज इस संस्था के प्रयासों से गांव में आश्चर्यजनक परिवर्तन आया है साथ ही यह संस्था अपने रचनात्मक कार्यो के बदौलत पूरे प्रदेश में एक मिसाल बन गई है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ग्राम बोदेला जहां आदर्श नव युवक मंडल की नींव रखी गई थी।

आदर्श नवयुवक मंडल का इतिहास
1 सितम्बर 1983 को एक महत्वपूर्ण परिवर्तन की शुरुआत हुई जब आदर्श नव युवक मंडल की स्थापना की गई। इसके संस्थापक स्वर्गीय दाऊ गिरधारी लाल लिल्हारे थे, जिन्होंने इस संगठन की परिकल्पना की और इसे मूर्त रूप दिया। एक छोटे से विचार से शुरू हुई ये शुरुआत अब एक बड़े बदलाव में परिवर्तित हो गई हैं। फाउंडर मेम्बर अमरनाथ साहू,विजय साहू,गुलाब वर्मा जी है।

स्व. दाऊ गिरधारी लाल लिल्हारे ने महसूस किया कि गाँव के युवाओं को सही दिशा और मार्गदर्शन की आवश्यकता है ताकि वे अपने जीवन में सफल हो सकें और गाँव के विकास में योगदान दे सकें। इसी उद्देश्य से उन्होंने आदर्श नवयुवक मंडल की स्थापना की।

65 गांवों में पैदल मार्च
संस्था के फाउंडर मेंम्बर अमरनाथ साहू जी ने सत्यदर्शन लाइव को बताया कि 1998 में साक्षरता जागरूकता के लिए 65 गांवों में पैदल मार्च निकाला गया , जिसे आम लोगों का भरपूर समर्थन मिला था और तत्कालीन कलेक्टर अनिल जैन ने भी इसकी काफी सराहना की थी। इस संस्था को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया हैं।

सोख्ता गड्ढों का निर्माण
आदर्श नव युवक मंडल ने गांवों में जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए सोख्ता गड्ढों का निर्माण कराया। यह गड्ढे भूजल को रिचार्ज करने और जलभराव की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। इसी कड़ी में 2004 में कन्हार डबरी गांव में 100% सोख्ता गड्ढा बनाया गया। यह गड्ढा बारिश के पानी या घरेलू अपशिष्ट जल को सोखने का काम करता है, जिससे पानी भूमिगत स्तर पर पहुँचकर फिर से उपयोगी हो जाता है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में
वर्तमान अध्यक्ष हेमंत साहू ने बताया कि, महिलाओं को स्वरोजगार की ओर जोड़ने के लिए रोजगारमुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें अब तक 1000 महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी हैं। इस कार्य के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में सर्वश्रेष्ठ संस्था का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। तुमड़ीबोड़ में महिलाओं द्वारा स्वैच्छिक श्रमदान एवं जनसहयोग से परामर्श केन्द्र की स्थापना की गई है। कुपोषण के क्षेत्र में भी डोंगरगांव विकासखण्ड में उत्कृष्ट कार्य हुआ है।नाबार्ड के साथ उद्यमिता विकास प्रशिक्षण के अंतर्गत टेराकोटा का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे बने उत्पादों की दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में काफी मांग थी

HIV/AIDS से बचाव के लिए आदर्श नवयुवक मंडल लक्षीत ग्रुप के साथ मिलकर कार्य कर रही है। जिसका मुख्य उद्देश्य HIV संक्रमण की दर को कम करना, प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सा और परामर्श सेवाएं प्रदान करना, और जागरूकता फैलाना है।

आदर्श नव युवक मंडल  ने सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में भी अनेक कार्य किए। वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और स्वच्छता अभियान चलाए गए, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिली। साथ ही, संस्था ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कार्यक्रम और वर्कशॉप्स का आयोजन किया, जिससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान का विकास हुआ।

आदर्श नवयुवक मंडल की इन सफलताओं के पीछे सभी सदस्यों की दूरदृष्टि और मेहनत का बड़ा योगदान है।आज आदर्श नवयुवक मंडल स्वयंसेवी संस्था विकास और प्रगति का प्रतीक बन गई है। एक छोटे से गांव से शुरू हुआ यह संगठन आज पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर रहा है। सत्यदर्शन लाइव आदर्श नव युवक मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

(अगर आपके पास भी है कोई इनोवेटिव स्टोरी तो हमें 7587482923 पर व्हाट्सएप करें )

Live Cricket Live Share Market

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here