70 साल पुरानी “जय भारत बैंड पार्टी”…इस बैंड ने छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान बनाई और मनोरंजन किया…लोगों के अनगिनत खुशियों भरे पलों को और खूबसूरत बनाया

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कमलेश यादव : नंदग्राम से लेकर राजनांदगांव बनते तक इस शहर ने कई बदलाव देखे हैं, इन्हीं में से एक है 70 साल पुरानी “जय भारत बैंड पार्टी”, जिसकी स्थापना उस समय हुई थी जब मनोरंजन का एकमात्र साधन संगीत और नृत्य हुआ करते थे। इस बैंड ने छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी पहचान बनाई और लोगों का मनोरंजन किया। आधुनिक तकनीक और डिजिटल मनोरंजन के आगमन ने पारंपरिक बैंड पार्टियों की मांग को कम कर दिया। लेकिन इन कठिनाइयों के बावजूद बैंड के संचालक मुन्ना लाल केमे का हौसला कम नहीं हुआ। वे अपने सदस्यों के साथ मिलकर अथक परिश्रम करते रहे और बैंड को जीवित रखा।

सत्यदर्शन लाइव को मुन्ना लाल केमे ने बताया कि उनके दादा स्व. बंशी लाल केमे ने जय भारत बैंड पार्टी की स्थापना की थी। हमने अपनी कला से लोगों के अनगिनत खुशियों भरे पलों को और खूबसूरत बनाया है। जब बैंड की धुन पर लोगों को थिरकते हुए देखते हैं तो मन बहुत आनन्दित हो जाता है। बदलते समय के साथ ऑर्डर बहुत कम हो गए हैं। लेकिन आज भी इस बैंड पार्टी के चाहने वाले लोग है। एक समय था जब यह बैण्ड पार्टी पूरे छत्तीसगढ़ की शान हुआ करती थी।

अपनी स्थापना के समय से ही जय भारत बैंड पार्टी अपनी बेहतरीन संगीत प्रतिभा और अनूठी प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध हो गई थी। विभिन्न विवाह समारोहों, त्योहारों और सामाजिक कार्यक्रमों में बैंड की प्रस्तुतियों की बहुत मांग थी। बैंड के सदस्यों ने अपने अद्भुत संगीत और मधुर सामंजस्य के कारण लोगों का दिल जीत लिया था। समय के साथ जय भारत बैंड पार्टी की प्रसिद्धि और लोकप्रियता और भी बढ़ गई।

बैंड गली
इस शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक सिनेमा लाइन के पास एक छोटी सी गली है, जो सीधे जूनी हटरी की ओर जाती है। उस गली को बैंड गली के नाम से जाना जाता है। आज यह गली जरूर सुनसान है, लेकिन कभी यहां त्योहारों पर लोगों की भीड़ लगी रहती थी। जय भारत बैंड पार्टी के छोटे से दफ्तर इस बात की गवाह है कि हम भी आपकी खुशियों के पलों को सजाने वालों में से एक थे । हमने बड़े-बड़े अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाई है। पर आज इस बैंड पार्टी की अस्तित्व संकट में हैं।

सरकार से उम्मीद
इस बैंड पार्टी के ज़्यादातर कलाकारों को न तो किसी तरह का प्रोत्साहन मिला है और न ही पेंशन। अगर सरकार उनकी सुध ले तो कलाकारों की मेहनत को बल मिलेगा। उन्होंने पूरी ज़िंदगी लोगों के मनोरंजन के लिए काम किया है लेकिन आज उनका खुद का जीवन संघर्ष से भरा हुआ है। यहाँ की मशहूर झांकियों में भी उनकी सेवाएँ ली गईं लेकिन किसी ने उनके परिवारों पर ध्यान नहीं दिया।

मार्मिक अपील
जय भारत बैंड पार्टी आज भी अपनी पुरानी गरिमा और नई तकनीक के मिश्रण से लोगों का मनोरंजन कर रही है और यह दिखा रही है कि सच्ची लगन और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। हम उन सभी कला प्रेमियों से अपील करते हैं जो बैंड को पसंद करते हैं. वे इन्हें अपने उत्सवों में अधिक से अधिक शामिल करें और इन्हें काम दें ताकि इनका अस्तित्व बचाया जा सके।

आर्टिस्ट मुन्ना लाल केमे , मेघराज केमे ,धर्मेंद्र केमे, धनराज केमे  लगातार संघर्ष करते रहे। उन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से न केवल बैंड को संभाला बल्कि उसे नए ऊंचाइयों पर भी पहुंचाया। उन्होंने नये सदस्यों को प्रशिक्षित किया और पुराने सदस्यों के अनुभव का सही उपयोग किया। उनके इस मेहनत की बदौलत आज भी जय भारत बैंड पार्टी की धुनें सुनाई देती हैं।

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