
संयुक्त राष्ट्र के अवॉर्ड के लिए नामांकित सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव…इस गांव के लोगों की ग्रामीण जीवन शैली का एक अलग अनुभव मिलता है,जिससे पुराने समय की यादें ताजा हो जाती है…गांव को गांव के ही लोगो के अनुरूप डेवलप किया जाए वह भी प्रकृति को छेड़छाड़ किये बगैर
कमलेश यादव: गांव से पूरे भारत का दिल धड़कता है।विकास का सही मायने में क्या अर्थ है पक्की सड़क, भवन इत्यादि बनना।गांव को गांव के ही लोगो के अनुरूप डेवलप किया जाए वह भी प्रकृति को छेड़छाड़ किये बगैर।विकास के नाम पर पेड़ो की कटाई के वजह से मूलरूप को खोते जा रहा है।आज हम बात करेंगे पर्यटन गाँव के बारे में।संयुक्त राष्ट्र के अवॉर्ड के लिए नामांकित सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव की सूची में शामिल हो चुका लाडपुरा खास गांव मध्य प्रदेश की पर्यटन नगरी ओरछा से करीब सात किलोमीटर दूर बसा हुआ है. इस गांव का वातावरण हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करता है. क्योंकि यहां बहुत शांती और शुद्ध वातावरण है. जिससे लोगों को बहुत शांति का अनुभव होता है. इस गांव में प्राचीन बुंदेलखंडी संस्कृति की झलक देखने को मिलती है. यही वजह है कि यह गांव ओरछा आने वाले पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है.
मध्य प्रदेश को एक बड़ी उपलब्धि मिली है. क्योंकि प्रदेश का छोटा सा गांव पूरे विश्व पटल पर छाने वाला है. पर्यटन नगरी ओरछा के पास बने बुंदेलखंड अंचल के एक गांव को यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन “बेस्ट टूरिज्म विलेज” की श्रेणी में नामांकित किया गया है. जिस पर सीएम शिवराज ने भी खुशी जताई है.
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पर्यटन विभाग को दी बधाई
इस उपलब्धि पर सीएम शिवराज ने ट्वीट करते हुए लिखा कि मध्यप्रदेश के गांव लाडपुरा खास को ”यूएनडब्ल्यूटीओ”प्रवेश के लिए चयनित होने के कारण हम सभी के लिए गर्व का क्षण है, इसके लिए MPTourism की पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं और प्रशासन इस उपलब्धि पर अच्छा काम करते रहें!.
सीएम शिवराज ने कहा कि हमारा प्रदेश नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य के साथ अद्भुत स्थापत्य कला का धनी प्रदेश है. अब पर्यटन सिर्फ मनोरंजन ही नहीं बल्कि रोजगार, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, कला और स्थापत्य कला का केंद्र-बिंदु भी बनकर उभरा है. जिसके लिए वह सभी को बधाई देना चाहते हैं. दरअसल, केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय ने ओरछा के ग्राम लाडपुरा खास को बेस्ट टूरिज्म विलेज हेतु नामांकित गया है. इसके साथ ही दो अन्य जिसमें एक गांव मेघालय राज्य का और दूसरा तेलंगाना प्रदेश का गांव शामिल था.
लाडपुरा खास गांव में लोगों को पारंपरिक पारिधान और यहां का खान-पान बहुत पसंद आता है. इस गांव के लोगों की जीवनशैली में पुराना और ग्रामीण जीवन शैली का एक अलग अनुभव मिलता है, जिससे पुराने समय की यादें ताजा हो जाती है. इन्ही सब खासियतों के चलते इस गांव को यूनाइटेड नेशन वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन “बेस्ट टूरिज्म विलेज” की श्रेणी में शामिल किया गया है.