सपनों की उड़ान…गरीबी के कारण आर्थिक तंगी से जुझते हुये बड़ी मुश्किल से पार्ट टाइम जॉब करते हुये शिक्षा पूरी की,शिक्षा अध्यापन के दौरान कपडा,फेविकोल दूकान होटल आदि अनेक स्थानों पर मजदूरी की…आइए पढ़े संघर्षों के बदौलत अजय कुमार के सहायक प्राध्यापक बनने का सफर

कमलेश यादव:मनुष्य असाधारण क्षमताओं से युक्त प्राणी है,लेकिन कहा जाता है जिस चीज का इस्तेमाल काफी लंबे समय से न हो वह स्वतः विलुप्त हो जाता है।हमारे अंदर ज्ञान की असीमित भंडार छिपा हुआ है जरूरत है उनपर फोकस करने की।इंसान छोटा हो या बड़ा सभी मे एक चीज कामन है वो है सपने देखने की स्वतंत्रता।इन्ही सपनो के बदौलत कुछ लोग ऐसा कुछ कर जाते है जिसकी कल्पना समाज के लोग नही कर सकते।आज की कहानी भी एक मेहनती लड़के के इर्द गिर्द है जिन्होंने जुर्रत की एक ख्वाब देखने की।छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव अचानकपाली (रायगढ़) में रहने वाले अजय कुमार का सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) में चयन हुआ है।चुनौती भरे सफर के बारे में जानने के लिए आइये पढ़े सत्यदर्शन से बातचीत के कुछ अंश

प्राध्यापक बनाने की प्रेरणा कहा से प्राप्त की : –
डॉ आनंद शर्मा मेरे गुरु से स्नाकोत्तर वाणिज्य में अध्ययन के दौरान

जीवन में किस प्रकार की कठिनाइयों का सामना किये : – मैं एक छोटे से गाव अचानकपाली ( रायगढ़ ) के गरीब परिवार से हूँ , मेरे पिता तीसरी कक्षा पास हैं माता निरक्षर है गरीबी के कारण आर्थिक तंगी से जुझते हुये मैंने बड़ी मुश्किल से पार्ट टाइम जॉब करते हुये शिक्षा पूरी की , शिक्षा अध्यापन के दौरान मैंने रायगढ़ MSP कपडा दूकान फेविकोल दूकान होटल आदि अनेक स्थानों पर मजदूरी की अंतत: 2019 अतिथी व्यख्यता के रूप में सेवा प्रदान करते हुये मेरा चयन छत्तीसगढ़ सहायक प्रधानाध्यापक वाणिज्य के रूप में हुआ

सहायक प्राध्यापक के लिए सफलता की योजना :
( 1)वैकेंसी आने से पहले गुरु आनंद शर्मा के मार्गदर्शन में नेट की तैयारी करना
(2)संधार्भित 184 पोस्ट में 1 पोस्ट लेने का संकल्प
(3)कोर्स की पूर्ण जानकारी एवं पाठ्यशामग्री संकलन
(4)पूर्व परीक्षा के प्रश्नों का अवलोकन
(5)निश्चित समय में पाठ्यकर्म पूर्ण करना
(6)समय का सदुपयोग
(7)पाठ्यक्रम का अधिक से अधिक रिविजन
( 8)पूर्ण विश्वास एवं संकल्प से लिखित परीक्षा एवं मौखिक परीक्षा देना
(9)आत्मसंयम एवं थर्य बनाये रखना
(10)आत्म विश्वास बनाये रखना

संस्थान का योग्दान : – की टू सक्सेस का सबसे बड़ा योगदान : -मेरे सफलता का सबसे बड़ा श्रेय ” की टू सक्सेस ” रायपुर ( छत्तीसगढ़ ) को देना चाहता हूँ जहा से अध्ययन कर,मैंने UGC NET,CG SET तथा CG PSC ASSISTANT PROFESSOR की परीक्षा क्लियर किया,इस संस्थान के विशेषज्ञ से मुझे सैधान्तिक एवं व्यावहारिक दोनों रूपों में अपार सहयोग मिला,जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करते हुये में सफलता की ओर अग्रसर हुआ.इस संस्थान की प्रेरणा एवं प्रोत्साहन से ही मैं अपने लक्ष्य मुकाम तक पहुच पाया इसके लिए में “की टू सक्सेस” को हृदय से आभार व्यक्त करते हुये धन्यवाद देना चाहता हूँ

गुरुओं का मार्गदर्शन योग्दान : –
सवप्रथम मेरे जन्मदाता माता पिता ही मेरे प्रथम गुरु हैं जिनके कर्मशील सत्य विश्वास ईमानदारी संकल्पता का संस्कार मुझे प्राप्त हुआ.गुरुओ का योगदान कहू तो प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्राथमिक स्कूल के गुरुओ से लेकर स्नातकोत्तर तक के गुरुओ का रहा हैं मैं किसी एक गुरु का नाम लेकर किसी को किसी से कम नहीं आकना चाहता फिर भी मेरे अंतरमन को प्रभावित करने वाले आदरणीय गुरु डॉ आनंद शर्मा को धन्यवाद देना चाहता हूँ जिनका आशीर्वाद मुझ पर सदा बना रहे और रहा हैं

विशेष योगदान : –
“ की टू सक्सेस “के डायरेक्टर और कॉमर्स के विषय विशेषज्ञ श्री एच.एल.यादव के उदारवादी प्रेरणात्मक सहयोगात्मक संवेदात्मक संकल्पनात्मक अनुशानात्मक गुणों ने मेरे अंतरमन को इतना प्रभावित किया की मैं इन्हें शब्दों में बया नहीं सकता आपकी विशेषज्ञता की ज्योति सदा मेरे हृदय को प्रज्वलित करती रहेगी आप मेरे हृदय में सदेव सूर्य की गति चमकते हुए अविस्मरणीय रहेंगे

श्रीमान ऋषि वर्मा सर : –
मेरी सफलता में छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान के ज्ञाता आदरणीय ऋषि वर्मा का योगदान सराहनीय एवं अविस्मरणीय हैं बहुविध व्यक्ति गुणों के धनी आपकी मुखरता निश्छलता निः सवार्थता सरलता विनम्रता ओजस्विता मानवता सद्वाव्यहारिता मिलनसार की टू सक्सेस की सफलता एवं गरिमा को बनाये रखेगी आप सदेव मेरे हृदय में प्रेरनास्त्रोत के रूप में प्रवाहित होते रहेंगे ।आप ज्ञान के सागर हो मैं शब्द रूपी नदी पहाडो के कठिनाइयो से उतर भले मैदान में उफान गिरू लेकिन मिलना तो हैं आपके यहाँ


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