मैं मजदूर हूं मुझे देवों की बस्ती से क्या…कक्षा चौथी के छात्र दीपांशु चौधरी ने खूबसूरत पेंटिंग के जरिये मजदूरों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की है

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मेहनतकश मजदूरों को समर्पित 1 मई की तारीख समारोह के तौर पर पूरी दुनिया में मनाई जाती है। इस मौके का मुख्य मकसद दुनिया भर के श्रमिकों व मजदूरों के अहम और उल्लेखनीय योगदान को याद करना है।कक्षा चौथी के छात्र दीपांशु चौधरी ने खूबसूरत पेंटिंग के जरिये मजदूरों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की है।दरअसल किसी भी समाज, देश, संस्था और उद्योग में मज़दूरों, कामगारों और मेहनतकशों की अहम भूमिका होती है। किसी भी उद्योग को सफल बनाने के लिए उसके मालिक का होना तो अहम है ही मजदूरों के अस्तित्व को भी नहीं नकारा जा सकता है क्योंकि कामगार ही किसी भी औद्योगिक ढांचा के लिए संबल की भूमिका निभाते हैं।

दीपा चौधरी जी कहती है कि,हम सभी इनकी निरंतर सेवाओं के लिए बहुत आभारी है जिन्होंने इस विकट समय में भी अपनी सेवाएं देकर हमारी निरंतर सुविधाओं को बनाए रखा है।महामारी के चपेट में आए वैसे तो देश का हर कुनबा परेशान है लेकिन यदि किसी की रोजी-रोटी पर बनी है तो वह हैं ‘मजदूर समुदाय’। पिछले साल लॉकडाउन के बाद इन्हीं मजदूरों की तस्वीर दुनिया भर में वायरल हुई थी और ये सुर्खियों में छाए रहे।

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