सत्यदर्शन किसान दिवस विशेष…युवा किसान बेमिसाल खेती…प्रगतिशील किसान सुगंधु मारकण्डे बदल रहा है तकदीर…

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राजनांदगाँव:-भारत की आत्मा गांवों में बसती है।गांव का नाम लेते ही सबसे पहले जो छवि दिलो दिमाग पर बनती है, उसमें अक्स हमारे किसान भाइयों का दिखता है।किसानों की बात उठते ही सबसे ज्यादा उनके संघर्षो,चुनौतियों की बात होती है। लेकिन आज हम उन चुनौतियों को पार करने वाले प्रगतिशील किसान की बाते करेंगे।राजनांदगाँव से महज 12 किमी डोंगरगढ़ रोड़ पर छोटा सा गांव टेका हरदी,जहाँ प्रगतिशील किसान सुगंधु मारकण्डे रहते है।मात्र 2.50एकड़ की खेती पर धान का40 क्विंटल उत्पादन के साथ ही घर मे बने बाड़ी में सब्जी का बेहतरीन पैदावार कर रहे है।

सुगंधु को कृषि का प्रेरणा पिताजी फिरन दास मारकण्डे से विरासत में मिला है।जैविक खेती को बढ़ावा देना मकसद बन गया है।बदलते जीवनशैली के साथ प्राकृतिक खेती का संदेश लिए खुद प्रयोग करके आस-पास के गांवों में किसानों के लिए उदाहरण बन गए है।

घर के ही बाड़ी में मिर्ची,धनिया,मेथी,सेमी,सहजन,निम्बू,
अमरूद,के अलावा मौसमी सब्जियों का पैदावार  प्राकृतिक तरीके से कर रहे है।खेती-किसानी में भी अधिक आय लिया जा सकता है बशर्ते मेहनत सही दिशा में हो तो पैदावार में वृद्धि होती है।

ग्रामीण युवा खेती के उन्नत तकनीकों की ओर ध्यान दे रहा है। क्योकि उन्हें इतना पक्का पता है कि कृषि से उसका जीविकोपार्जन हो सकता है बशर्ते लाभ की खेती की ओर ध्यान दिया जावे ।सुगंधु जैसे प्रगतिशील किसान उदाहरण है हजारों नवयुवकों के लिए।सत्यदर्शन लाइव की टीम ऐसे युवाओं की सोच को सलाम करता है।

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